सूर्य शनि की तनातनी से लाइफ में मचेगी उथलपुथल

0
48

सूर्य शनि की तनातनी से लाइफ में मचेगी उथलपुथल
ज्योतिष में शनिदेव का विशेष महत्व होता है। शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। ये किसी एक राशि में सबसे ज्यादा ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि दुख, रोग, पीड़ा, न्याय और कर्म के कारक होते हैं। शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। यह तुला राशि में उच्च के होते हैं जबकि मेष राशि में नीच के होते हैं। सभी 27 नक्षत्रों में शनिदेव को पुष्य, अनुराधा और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र पर स्वामित्व प्राप्त है। शनि बुध और शुक्र के मित्र हैं और वहीं इनके शत्रु सूर्य, चंद्रमा और मंगल है।
इन पर ढैय्या की शुरुआत होगी
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि शनि 29 मार्च 2025 को जैसे ही मीन राशि में प्रवेश करेंगे कुछ राशि वालों पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी तो वहीं कुछ पर से यह खत्म हो जाएगी। इस साल मकर राशि वालों पर चल रही साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी, जबकि मेष राशि पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी।
शनि के मीन राशि में गोचर करने से मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण, कुंभ राशि पर अंतिम चरण और मेष राशि पर पहला चरण शुरू होगा। वहीं इसके अलावा वृश्चिक राशि के जातकों पर जहां ढैय्या समाप्त होगी जबकि धनु राशि वालों पर ढैय्या की शुरुआत हो जाएगी।
साल 2025 में शनि की चाल और स्थिति
भविष्यवक्ता के अनुसार शनि 29 मार्च 2025 को मीन राशि में गोचर होंगे, लेकिन उसके पहले कुंभ राशि में रहते हुए 27 फरवरी 2025 को अस्त हो जाएंगे। फिर इसी अस्त अवस्था में रहते हुए गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। 4 अप्रैल 2025 को सुबह 6:37 पर उदय होंगे। फिर 13 जुलाई 2025 को मीन राशि में वक्री चाल से चलेंगे। 28 नवंबर 2025 को शनिदेव मार्गी हो जाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here