राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 15 अगस्त को एक बार फिर युवाओं और Gen Z से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम उनके हालिया Gen Z संवाद के कुछ दिनों बाद आयोजित होने जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थी, युवा और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी।
‘हम अपनेपन की भावना भूल गए’
इससे पहले मंगलवार को मोहन भागवत ने कहा कि आज दुनिया में दिखाई दे रहे संकटों और संघर्षों की एक बड़ी वजह यह है कि लोग ‘अपनेपन’ या जुड़ाव की भावना को भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस भावना को मजबूत किया जाए और व्यक्ति अपने व्यवहार को उसी के अनुरूप ढाले, तो दुनिया की कई बाधाएं दूर हो सकती हैं।
भागवत ने कहा कि सार्वभौमिक चेतना सभी लोगों को जोड़कर रखती है। उनके मुताबिक, जब व्यक्ति इस जुड़ाव को समझता है तो उसका अपने प्रति, दूसरों के प्रति और पूरी दुनिया के प्रति व्यवहार बदल जाता है।
Gen Z के साथ लगातार संवाद पर जोर
भागवत इससे पहले भी Gen Z और Gen Alpha को लेकर सकारात्मक रुख जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी को पुरानी पीढ़ी से अधिक ईमानदार बताते हुए कहा था कि युवाओं के विरोध को देशविरोधी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं की शिकायतों को सुनने और उनके साथ संवाद करने की जरूरत पर भी जोर दिया था।
अब 15 अगस्त को होने वाला संवाद युवाओं के साथ भागवत की इसी बातचीत को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।




