नाग पंचमी के मौके पर देशभर में नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नाग देवता की आराधना करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। हालांकि, इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाई जा रही है।
भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध नाग मंदिर हैं, जहां नाग पंचमी के दिन विशेष पूजा और दर्शन का महत्व माना जाता है।
1. नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन
उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसके कपाट साल में केवल एक बार नाग पंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन और पूजा करने से नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है।
2. नाग वासुकी मंदिर, प्रयागराज
प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र में स्थित नाग वासुकी मंदिर भगवान शिव से जुड़े नाग देवता वासुकी को समर्पित है। नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन होता है। धार्मिक मान्यता में यहां पूजा को कालसर्प दोष से जुड़ी समस्याओं के निवारण से भी जोड़ा जाता है।
3. मन्नारशाला श्री नागराजा मंदिर, केरल
केरल के अलप्पुझा जिले में स्थित मन्नारशाला मंदिर नागराज को समर्पित प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। मंदिर परिसर में हजारों नाग प्रतिमाएं मौजूद हैं और यह घने हरियाली वाले क्षेत्र से घिरा हुआ है। यहां नाग पूजा की विशिष्ट परंपराएं देखने को मिलती हैं।
4. धौलीनाग मंदिर, उत्तराखंड
उत्तराखंड के बागेश्वर क्षेत्र में स्थित धौलीनाग मंदिर नाग देवता की उपासना के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यह मंदिर धवल नाग से जुड़ा हुआ है। नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
5. तक्षक नाग मंदिर, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में तक्षक नाग से जुड़े मंदिरों में नाग पंचमी के दौरान विशेष पूजा की परंपरा है। तक्षक नाग को नागों का राजा माना जाता है और धार्मिक मान्यताओं में उनकी आराधना को सुरक्षा एवं समृद्धि से जोड़ा जाता है।
आस्था के साथ जरूरी सावधानी
नाग पंचमी पर मंदिरों में दर्शन और पूजा करना धार्मिक आस्था का विषय है। नौकरी, व्यापार या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान केवल धार्मिक उपायों से होने का दावा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना और रोजगार या कारोबार से जुड़ी समस्याओं में व्यावहारिक कदम उठाना जरूरी है।




