राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक सफर, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका और देशभक्ति की भावना को दर्शाने वाले दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण छायाचित्र प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसके प्रभाव और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान को तस्वीरों एवं अन्य सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। यहां आने वाले लोगों को इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को करीब से समझने का अवसर मिला।
आयोजकों ने बताया कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, एकता और राष्ट्रभक्ति की भावनाओं का प्रतीक है। इसकी 150 वर्षों की यात्रा देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ी हुई है।
प्रदर्शनी में युवाओं और विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने विभिन्न छायाचित्रों के माध्यम से ‘वंदे मातरम’ से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय भावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




