उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने गंगा और वरुणा नदियों के जलस्तर, राहत शिविरों की व्यवस्था और प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ के कारण कई निचले इलाकों और घाटों पर पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
भारी बारिश और बाढ़ के कारण जौनपुर, सोनभद्र, वाराणसी, पीलीभीत, चित्रकूट और चंदौली समेत कई जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में बचाव दलों को तैनात किया गया है।




