अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने करीब तीन साल बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने 16 सितंबर को हुई बैठक में फेडरल फंड्स रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 3.75% से 4% के दायरे में कर दिया। यह जुलाई 2023 के बाद पहली ब्याज दर बढ़ोतरी है। निर्णय 12-0 के सर्वसम्मत मत से लिया गया।
फेडरल रिजर्व ने अपने फैसले में कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और घरेलू खर्च में मजबूती दिखाई दे रही है। वहीं, महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है। फेड ने कहा कि यह कदम महंगाई को उसके 2 प्रतिशत लक्ष्य की ओर समय पर वापस लाने में मदद करेगा।
ब्याज दर बढ़ने से अमेरिका में कर्ज की लागत बढ़ सकती है, जबकि बचत और कुछ फिक्स्ड-इनकम निवेश पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ने की संभावना रहती है। वैश्विक बाजारों पर भी फेड के फैसले का असर देखने को मिला है। अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
फेड के ताजा रुख से आगे भी मौद्रिक नीति के सख्त बने रहने के संकेत मिले हैं। बाजार अब आने वाली बैठकों में महंगाई, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों पर नजर रखेगा।




