शारदीय नवरात्रि 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ने लगा है। इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार रविवार को नवरात्रि शुरू होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी यानी गज पर माना जा रहा है।
हाथी पर माता का आगमन क्यों माना जाता है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं में हाथी को शक्ति, स्थिरता, समृद्धि और वर्षा का प्रतीक माना गया है। इसी वजह से मां दुर्गा का गज पर आगमन अच्छी वर्षा, बेहतर कृषि और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
किस दिन कौन सा वाहन माना जाता है?
प्रचलित धार्मिक परंपरा के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन के वार के आधार पर माता के आगमन का वाहन निर्धारित किया जाता है। रविवार और सोमवार को हाथी, मंगलवार और शनिवार को घोड़ा, बुधवार को नाव, जबकि गुरुवार और शुक्रवार को पालकी/डोली का उल्लेख मिलता है।
कब होगी मां की विदाई?
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी के साथ होगा। प्रचलित मान्यता के अनुसार मंगलवार को देवी के प्रस्थान को चरणायुध यानी मुर्गे से जोड़ा जाता है। इससे जुड़ी शुभ-अशुभ व्याख्याएं अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में मिलती हैं।
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। श्रद्धालु व्रत, पूजा-पाठ, गरबा और डांडिया सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों के माध्यम से देवी की आराधना करेंगे।




