मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाने का फैसला किया है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में राज्य को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ निगरानी और कानूनी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
सरकार की योजना के तहत प्रदेश में 10 नए एंटी नारकोटिक्स थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके साथ ही मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था भी किए जाने की तैयारी है।
नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए विशेष टास्क फोर्स को भी मजबूत किया जाएगा। पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तक पहुंचने और बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर रहेगा।
सरकार का फोकस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। युवाओं को नशे से दूर रखने, जागरूकता बढ़ाने और नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि नशामुक्ति के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामाजिक भागीदारी भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने अधिकारियों को नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और तय समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं। अब आने वाले तीन वर्षों में इस अभियान की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।




