नेपाल में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई। गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण कई मकान और पुल बह गए। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 10 लोग लापता हैं। बाढ़ के बाद नदी किनारे बसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
भूस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित हुआ था। आशंका है कि मलबे से बना अस्थायी अवरोध टूटने के बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बहा, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
छह पुल और करीब 35 मकान बाढ़ में बहे
नेपाल के स्थानीय समाचार पोर्टल ऑनलाइनखबर और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ के तेज बहाव में छह पुल बह गए। इनमें दो मोटर वाहन पुल और चार झूला पुल शामिल हैं। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के पैन्यू और बगर क्षेत्रों में करीब 35 मकानों के बहने की खबर है। जगत, सल्लेरी, दोभान और घट्टेखोला सहित कई बस्तियों में भी नुकसान हुआ है।
10 लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी
बाढ़ के बाद कम से कम 10 लोगों के लापता होने की सूचना है। नेपाली सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सेना ने 49 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
कई जिलों में अलर्ट, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। गोरखा के अलावा धादिंग, तनहूं, चितवन तथा पूर्वी और पश्चिमी नवलपरासी के नदी किनारे बसे इलाकों में भी चेतावनी जारी की गई। अधिकारियों ने लोगों से नदी के पास जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
पहले भी नेपाल में आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल अभी अगस्त 2026 में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रभावों से उबरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बूढ़ी गंडकी नदी में आई ताजा बाढ़ ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन करने, लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में जुटा है।




