जम्मू-कश्मीर में 35 साल की रिकॉर्ड वोटिंग

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जम्मू-कश्मीर में 35 साल की रिकॉर्ड वोटिंग

भीषण गर्मी और पश्चिम बंगाल में कुछ केंद्रों पर मतदाताओं के बीच छिटपुट झड़प के बीच लोकसभा चुनाव के छठे चरण में आठ राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की 58 सीटों पर शनिवार को औसतन 61 फीसदी मतदान हुआ। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक चले मतदान में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 79.23 प्रतिशत वोट डाले गए जबकि सबसे कम उत्तर प्रदेश में 54.03 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

 

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद पहली बार हुए लोकसभा चुनाव में कश्मीर घाटी में मतदाताओं ने बढ़-चढ़ कर लोकतंत्र में भागीदारी जताई है। अनंतनाग-राजौरी संसदीय सीट पर भारी सुरक्षा के बीच 54.06 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला, जो 35 वर्ष का रिकॉर्ड है। इससे पहले, श्रीनगर और बारामूला सीट पर भी रेकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था। इससे प्रोत्साहित मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने कहा कि ‘जम्मू कश्मीर में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग बड़ी संख्या में मतदान करने आ रहे हैं। लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हो रही हैं। लोग अपनी सरकार के योग्य हैं। हम बहुत जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू करेंगे।’

छठे चरण में चुनाव लड़ रहे कुछ प्रमुख प्रत्याशियों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, भाजपा प्रवक्ता संवित पात्रा, भोजपुरी कलाकार एवं सांसद मनोज तिवारी, भोजपुरी गायक एवं भाजपा उम्मीदवार निरहुआ, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत कई केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में दर्ज हो गया है।

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