MP Weather News: ठिठुरन का दौर जारी, सिवनी में चली शीत लहर, तीन शहरों में शीतल दिन

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cold wave in Seoni

 

 

भोपाल। उत्तर भारत की ओर एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। इसके असर से प्रदेश में भी हवाओं का रुख बदलने लगा है। इस वजह से रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने लगी है। शुक्रवार को इक्का-दुक्का शहरों को छोड़कर बाकी सभी जगह न्यूनतम तापमान में मामूली इजाफा हुआ। हालांकि तब भी तीन शहरों नर्मदापुरम, इंदौर और नरसिंहपुर को छोड़कर बाकी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 सेल्सियस सेल्सियस से नीचे रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को दिन के तापमान में भी उछाल आ सकता है। अगले एक-दो दिन तक पारे में उछाल का यह सिलसिला बरकरार रह सकता है, जिससे कड़ाके की ठंड से राहत मिल सकती है।

इन इलाकों में ज्यादा सर्दी

 

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। इस दौरान सिवनी में शीत लहर का प्रभाव रहा। खंडवा, खरगोन और दतिया में शीतल दिन रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, रीवा और मऊगंज में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। श्योपुर कलां, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, उत्तरी पन्ना और उत्तरी सिवनी में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहा। घने कोहरे की वजह से न्यूनतम दृश्यता सुबह के समय दतिया में 50 मीटर से कम, नौगांव और रीवा में 50 मीटर, ग्वालियर हवाई अड्डे पर 100 मीटर और खजुराहो हवाई अड्डे में 500 मीटर दर्ज की गई। प्रदेश में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में रात का पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी भोपाल में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री अधिक रहा, यद्यपि यह सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

इन इलाकों में सक्रिय वेदर सिस्टम

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उससे लगे पाकिस्तान पर द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसके असर से हवाओं का रुख दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी होने लगा है। इस वजह से तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में कर्नाटक पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर ओडिशा तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होकर जा रही है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से ऊंचाई के स्तर पर कुछ बादल छाने लगे हैं।

हवाओं का बदला रुख

उधर, हवाओं का रुख बदलने से भी अब धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। 27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में पहुंचेगा। इस वजह से अभी तीन-चार दिन तक दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं मैदानी क्षेत्रों में वर्षा के भी आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ने के बाद हवाओं का रुख फिर उत्तरी होने लगेगा। सर्द हवाओं के कारण 29 जनवरी से ठंड का दौर फिर शुरू हो सकता है।

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