ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण भी मुरैना में फंसा
मुरैना। ग्वालियर से आगरा के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे मुरैना में जमीनों के अधिग्रहण के मुद्दे पर फंस गया है। एक्सप्रेस-वे के लिए प्रशासन की कार्रवाई जमीन अधिग्रहण के अंतिम चरण यानी मुआवजा वितरण तक पहुंच चुकी है, लेकिन अधिकांश किसान मुआवजा के लिए बैंक खाता, आधार कार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं दे रहे।
किसानों का कहना है कि सरकार जमीन के बदले एक हेक्टेयर का कलेक्ट्रेट रेट 10 लाख तक दे रही है जबकि गांवों में कीमत 50 लाख तक पहुंच गई है। मुरैना में किसानों की इसी तरह की असहमति व विरोध के कारण मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को जोड़ने के लिए प्रस्तावित अटल प्रगति पथ की प्रक्रिया भी लगभग एक साल से ठंडे बस्ते में चली गई है।
ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण में के लिए मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, राजस्थान के धौलपुर और उत्तर प्रदेश के आगरा में जमीनों को अधिग्रहण होना है, इनमें सबसे अधिक मुरैना जिले में 42 गांवों में जमीन का अधिग्रहण के लिए चिन्हित किया गया है।




