गुना। जिले के धरनावदा थानाक्षेत्र के चर्चित आत्माराम पारदी हत्या मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपित फरार बर्खास्त एसआइ रामवीर सिंह कुशवाह, तत्कालीन आरटीओ और बाबू के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। आरोपितों पर हत्या में प्रयुक्त कार के पंजीयन में अनियमितता और धोखाधड़ी पर यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार 2017 में धरनावदा थानाक्षेत्र में आत्माराम पारदी की हत्या में जिस कार का उपयोग किया गया, उसका पंजीयन सीआइडी की जांच में फर्जी तरीके और दस्तावेजों से करना पाया गया। इस मामले की विवेचना सीआइडी ग्वालियर जोर के डीएसपी सतीश चतुर्वेदी द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में सीआईडी ने 14 दिसंबर 2022 को आत्माराम की हत्या के प्रकरण में योगेंद्र उर्फ जोगेंद्र सिंह पुत्र स्व. उम्मेदसिंह सिसोदिया को गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ के बाद मुख्य आरोपित फरार बर्खास्त उपनिरीक्षक रामवीर सिंह कुशवाह के सोनी कालोनी स्थित घर से कार जब्त की थी। इसके बाद आरटीओ गुना से कार के पंजीयन की जानकारी ली गई, तो उसका वाहन स्वामी संजय पुत्र बहादुर सिंह कुशवाह निवासी पुलिस लाइन बताया गया। लेकिन जब कैंट थाना प्रभारी से जानकारी ली, तो बताया गया कि इस नाम का कोई व्यक्ति लाइन में नहीं रहता है।
दस्तावेजों में हेरफेर
इसी तरह पंजीयन के समय लगाया गया वोटर आइडी कार्ड की जानकारी निर्वाचन कार्यालय से चाही, तो उक्त नाम का कोई व्यक्ति नहीं होना बताया गया। इधर, सीआइडी ने जब वाहन के रजिस्ट्रेशन के दस्तावेजों में लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, तो वह 24वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक हेमंत सिंह सोलंकी का निकला, जिसने बताया कि उक्त कार रामवीर सिंह ने इंदौर के शोरूम से 11 लाख रुपये नकद देकर खरीदी है, जिसमें उसने मदद की थी। खास बात यह कि उस समय भी संजय सिंह पुत्र बहादुर सिंह नामक व्यक्ति साथ नहीं था। सीआइडी ने वाहन शोरूम के जिम्मेदारों से खरीदार की पहचान के दस्तावेज चाहे, लेकिन गाड़ी नगद खरीदी होने से दस्तावेज नहीं मिले।




